वास्तु शास्त्र घर की इस दिशा में रखें सुराही, दूर करें दरिद्रता और पारिवारिक विवाद

वास्तु शास्त्र: प्रत्येक व्यक्ति के लिए घर बनाना सबसे बड़ा और सबसे सुखद कार्य है। हर व्यक्ति अपने घर को वास्तु के अनुसार बनाना और सजाना चाहता है। हिंदू मान्यता में वास्तु शास्त्र का बहुत महत्व है। लोग अपने घर में वास्तु के अनुसार तरह-तरह के बदलाव करते रहते हैं। चीजों को व्यवस्थित और उचित स्थान पर रखा जाना चाहिए। इसके लिए भी वास्तु शास्त्र का ज्ञान होना बहुत जरूरी है।

गर्मी के दिनों में लोग अपने घरों में पानी से भरे मिट्टी के बर्तनों को घड़े या जग में रखते हैं। पानी से भरा घड़ा कहां और कहां रखें ताकि उस घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। इसे जानने के लिए वास्तु शास्त्र का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं इस विषय पर वास्तु शास्त्र के जानकार की क्या राय है?

यह दिशा में रखना सुराही

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर दिशा में मिट्टी का घड़ा या जग भरकर जल रखना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बर्तन हमेशा पानी से भरा रहना चाहिए, कभी भी खाली नहीं रहना चाहिए। जैसे ही गुड़ या घड़े का पानी कम हो जाए, उसमें पर्याप्त मात्रा में पानी भर देना चाहिए।

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वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा में देवताओं का वास होता है। इसलिए उत्तर दिशा में पानी से भरा घड़ा या जग रखने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और वह घर हमेशा धन और अन्न से भरा रहता है।

माता लक्ष्मी का प्राकृतिक आवास

माता लक्ष्मी का वास होने से घर में धन की कमी नहीं होती है। इससे गृह क्लेश की संभावना भी कम हो जाती है क्योंकि सभी कार्य सुचारु रूप से हो जाते हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ती है। लोगों के बीच सामंजस्य भी है।

  • सभी को अपने घर में वास्तु शास्त्र के अनुसार चीजों को व्यवस्थित रखना चाहिए। इससे घरेलू परेशानी नहीं होती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
  • वास्तु के अनुसार प्रतिदिन शाम को तुलसी के पौधे के पास मिट्टी के दीपक जलाने से घर में अन्न की कमी नहीं होती है। परिवार में एकता है। धन, वैभव और समृद्धि आती है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर हम अपने जीवन में आने वाली परेशानियों को कम कर सकते हैं और एक बेहतर जीवन जी सकते हैं।

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